सरदार पटेल की प्रतिमा के बाद दूसरे नंबर की सबसे ऊंची यह प्रतिमा होगी।

नई दिल्ली। गुजरात में नर्मदा नदी के पट पर सरदार वल्लभ भाई पटेल की विशाल प्रतिमा के अनावरण के बाद अब राजस्थान के नाथद्वारा में भगवान शिव की अद्भुत मूर्ति बनने जा रही है। ये दुनिया में अपनी तरह की सबसे ऊंची शिव की प्रतिमा होगी। बता दें कि ये प्रतिमा 351 फुट की होगी और इसके अगले वर्ष मार्च तक बन जाने की संभावना है।बता दें कि भगवान शिव की ये मूर्ति उदयपुर से 50 किलोमीटर दूर नाथद्वारा के गणेश टेकरी में सीमेंट कंकरीट से बनाई जा रही है। विश्व की इस सबसे ऊंची शिव प्रतिमा का 85 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है।

new Delhi. After the unveiling of the huge statue of Sardar Vallabh Bhai Patel on the banks of the Narmada river in Gujarat, is now going to be a wonderful statue of Lord Shiva in Nathdwara of Rajasthan. It will be the highest Shiva statue of your kind in the world. Please tell that this statue will be 351 feet and it is likely to be made by March next year. Say that this idol of Lord Shiva is being made from cement concrete in Ganesh tekri of Nathdwara, 50 kilometers away from Udaipur. 85 percent of the world’s highest Shiva statue has been completed.

इस परियोजना के प्रभारी राजेश मेहता ने बताया कि 351 फुट ऊंची सीमेंट कंकरीट से निर्मित शिव प्रतिमा दुनिया की चौथे नंबर की और भारत में हाल ही में गुजरात में स्थापित सरदार पटेल की प्रतिमा के बाद दूसरे नंबर की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी।

Rajesh Mehta, in-charge of this project said that Shiva statue built by 351-foot high cement concrete is the world’s fourth largest number and the statue of Sardar Patel established in Gujarat recently in India is the second highest statue after the statue.

उन्होंने बताया कि ‘मिराज ग्रुप’ के ड्रीम प्रोजेक्ट का लगभग 85 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है और मार्च 2019 तक निर्माण कार्य पूरा होने की संभावना है। मेहता ने बताया कि 351 फुट की विशालकाय, सीमेंट कंकरीट की शिव प्रतिमा का निर्माण उदयपुर से 50 किलोमीटर की दूरी पर उदयपुर—जयपुर राजमार्ग पर नाथद्वारा के पास गणेश टेकरी में 16 एकड़ क्षेत्र की पहाड़ी पर किया जा रहा है।

He said that nearly 85 percent of the Mirage Group’s Dream Project has been completed and construction work is expected to be completed by March 2019. Mehta said that Shiva statue of 351-foot Giant, Cement concrete is being constructed on a hill of 16 acres in Ganesh tekri near Nathdwara on Udaipur-Jaipur highway, 50 kilometers from Udaipur.

उन्होंने बताया कि पिछले चार सालों से चल रहे इस निर्माण में सीमेंट के लगभग तीन लाख बोरे, 2500 टन एंगल, 2500 टन सरिया इस्तेमाल हो चुका है और 750 कारीगर और श्रमिक प्रतिदिन काम कर रहे हैं। प्रतिमा में भगवान शिव ध्यान और आराम की मुद्रा में हैं।

He said that in the last four years, the construction of this mill has been around three lakh sacks of cotton, 2500 tonnes of angle, 2500 tonnes of sand, and 750 artisans and workers are working daily. In the statue, Lord Shiva is in meditation and meditation.

मेहता ने बताया कि 351 फुट ऊंची प्रतिमा में पर्यटकों की सुविधा के लिये चार लिफ्ट और तीन सीढ़ियों का प्रावधान रखा गया है। पयर्टक 280 फुट की ऊंचाई तक जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रतिमा को 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कांकरोली फ्लाईओवर से देखा जा सकता है।

Mehta said that in the 351-foot-high statue, four lifts and three stairs have been provided for the convenience of tourists. The tourists will be able to reach a height of 280 feet. They said that the statue can be seen from the Konarkoli flyover located 20 kilometers away.

रात में भी प्रतिमा को स्पष्ट रूप से देखने के लिये इसमें विशेष लाइट लगाई जा रही है, जिसे अमेरिका से मंगाया गया है। ऊंची पहाड़ी पर प्रतिमा स्थापित करने के बारे में आस्ट्रेलिया की एक कंपनी से हवा के वेग और रूख के बारे में तकनीकी जानकारी ली गई, जिसके बाद ही इसका निर्माण शुरू किया गया।

A special light is being installed in the night to see the statue clearly, which has been replicated from the US. About the installation of the statue on the high hill, technical knowledge was taken about the wind’s velocity and attitude from a Australian company, after which it was started.

source:hindiroomspost

url:hind.roomspost.in

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